पढ़ें और समझें: सेविंग या करेंट, कौन सा अकाउंट है आपके लिए बेहतर! ☺
पढ़ें और समझें: सेविंग या करेंट, कौन सा अकाउंट है आपके लिए बेहतर!
Posted on: November 15, 2016
By - Ravi Vashistha
बैंक अकाउंट होना आज हर व्यक्ति की अहम जरूरत है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के बाद तो गरीब से गरीब व्यक्ति के पास उसका अपना बैंक खाता है। एटीएम का इस्तेमाल करते समय आपने देखा होगा कि आपसे आपके बैंक खाते का नेचर यानी उसके चालू अथवा बचत खाता होने के बारे में पूछा जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि चालू खाता(करेंट अकाउंट) और बचत खाता (सेविंग अकाउंट) में क्या अंतर होता है और इनकी क्या खूबियां और सीमाएं होती हैं।
बचत खाता (सेविंग अकाउंट): यह खाता आम लोगों के लिए होता है और निजी लेन-देन निबटाने के काम आता है। लेकिन इस अकाउंट पर लेनदेन की सीमाएं होती हैं। अमूमन एक दिन में एक बचत खाते से अधिकतम पांच ट्रांजैक्शन किए जा सकते हैं। बचत खातों में जमा राशि पर बैंक ब्याज भी देता है, ज्यादातर बैंकों में यह ब्याज की दर चार से छह फीसदी होती है। इसलिए बचत खाता खुलवाने से पहले बैंक कितना ब्याज दे रहा है ये जरूर जान लें। यहां ये जानना भी जरूरी है कि सेविंग अकाउंट के ब्याज पर टैक्स लगता है, हालांकि 10 हजार रुपये सालाना ब्याज पर टैक्स में राहत का प्रावधान है। बचत खाता रखने वालों को बैंक की ओर से चेक बुक, डेबिट कार्ड, एटीएम कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग की सुविधाएं मिलती हैं। इनमें ज्यादातर सुविधाएं फ्री हैं लेकिन कुछ सेवाओं पर बैंक फीस ले सकते हैं।
इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए आप जरूरी बिलों का भुगतान कर सकते हैं, ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हैं, फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। डेबिट कार्ड के जरिए भी पैसा निकासी, शॉपिंग आदि की जा सकती हैं। आमतौर पर बचत खाते में न्यूनतम राशि रखने की शर्त होती है। सरकारी बैंकों में ये राशि 500-1000 रुपये तक हो सकती है लेकिन निजी बैंक इस मामले में अलग हैं, वहां पांच हजार, 10 हजार से 25 हजार रुपये न्यूनतम राशि रखना होता है। हालांकि कुछ खातों (छात्रों द्वारा वजीफे के लिए खोले खाते, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गए खाते आदि) में जीरो बैलेंस भी रखा जा सकता है।
चालू खाता (करेंट अकाउंट): चालू खाता बचत खाते से बिल्कुल अलग होता है। यह खाता विशेषकर कारोबारियों के लिए होता है। इस खाते में बचत खाते की तरह लेन-देन की कोई सीमा नहीं होती है यानि एक दिन में आप कितने भी ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। चालू खाते में जमा राशि पर ब्याज नहीं मिलता है लेकिन इस खाते का सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि बैंक कारोबारियों को इसके जरिए पैसा देती है ताकि उनके बिजनेस में रुकावट ना आए। साथ ही बैंक चालू खाते में ओवर ड्राफ्ट की सुविधा भी देती है। यानी चालू खाते से कारोबारी उसमें मौजूद रकम से ज्यादा पैसा भी निकाल सकते हैं। किसी चालू खाते से कितनी राशि ओवरड्राफ्ट की जा सकती है इसका निर्धारण बैंक खाताधारक के टर्नओवर, मुनाफे आदि को ध्यान में रखकर तय करते हैं।
चालू खाता कोई व्यक्ति निजी रूप से या संयुक्त खाते के तौर पर खोल सकता है। इसके अलावा कंपनियों, प्राधिकरणों, ट्रस्टों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सोसायटियों द्वारा ये खाते खोले जा सकते हैं। चालू खाते पर बैंक ऐसी कई सुविधाएं देते हैं जिनसे खाताधारक कंपनियों-संस्थाओं को अपने कामकाज में आसानी हो। इनमें डिमांड ड्राफ्ट या पे ऑर्डर जारी करने, एनईएफटी से फंड ट्रांसफर, डोर स्टेप बैंकिंग, चेक कलेक्शन और भुगतान, मुफ्त कैश डिपॉजिट आदि शामिल हैं।
