एप्पल के जन्मदाता की सक्सेस स्टोरी [ स्टीव जॉब्स Ki Secsess Story


एप्पल के जन्मदाता की सक्सेस स्टोरी [ स्टीव जॉब्स Ki Secsess Story


Posted By - Ravi Vashistha 
November 17, 2016

आज का हर एक बन्दा यही चाहता है! की उसके पास केवल एप्पल का स्मार्टफोन हो! जब से मार्केट में एप्पल कंपनी आयी है! तब से लेकर आज तक वह वह नंबर वन कंपनी बनी हुई है! लेकिन आपने कभी सोचा है की एप्पल कंपनी की सुरुवात कैसे हुई थी तथा इसको किसने शुरू किया था! तो हम आपको बता दे की एप्पल कंपनी के जन्मदाता स्टीव जॉब्स! आज के आर्टिकल में हम स्टीव जॉब्स की सक्सेस स्टोरी के बारे में पढ़ेंगे! की कैसे स्टीव जॉब्स ने इतनी बड़ी
कम्पनी को खड़ा किया!

कंप्यूटर, लैपटॉप, और मोबाइल फ़ोन बनाने वाली कम्पनी एप्पल के भूतपूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स ने अपने लाइफ में बहुत संघर्ष करने के बाद इस मुकाम तक पहुंचे थे! स्टीव जॉब्स का जन्म कैलिफोर्निया के सेन फ्रांसिस्को में हुआ था!
जब स्‍टीव जॉब्‍स छोटे थे! तब उनकी माँ से पाउल और कालरा जॉब्स ने उनको गोद ले लिया था! स्टीवन जॉब ने अपनी पूरी पढाई कैलिफोर्निया में किया! जब स्टीव जॉब्स कलिफ़ोर्निया में पढाई करते थे! तब उस समय उनके पास पैसे नहीं होते थे! इसलिए स्टीव जॉब्स पढाई के साथ साथ अपनी आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए गर्मियों की छुट्टियों में काम करते थे! स्टीव जॉब्स ने अपना ग्रेजुएशन पोर्टलैंड के रीड कॉलेज से किया! पढाई के दिनों में स्टीव जॉब्स अपने दोस्तो के कमरे में निचे ज़मीन पे सोते थे!
स्टीव जॉब्स की आर्थिक परेसानी इतनी अधिक थी की वह कोक की बोतल बेच कर खाने के लिए पैसे जुटाते थे! जहाँ पर स्टीव जॉब्स रहते थे! वहाँ पर उनके घर के पास में श्री कृष्ना का मंदिर था उस मंदिर में सफ्ताह में एक दिन फ्री में खाना खिलाया जाता था! अपनी आर्थिक स्तिथि अच्छी ना होने के कारण स्टीव जॉब्स हर सफ्ताह उस मंदिर में खाना खाने जाते थे!
जब स्टीव जॉब्स जिंन्दा थे तब उनके पास अरबो डॉलर की सम्पति थी और वह अमेरिका के 43वे सबसे अमीर आदमी थे!

# स्टीव जॉब्स ने एप्पल कंपनी का निर्माड कैसे किया-

सन् 1976 में स्टीव वोज़नियाक ने मेकिनटोश एप्पल1 कंप्यूटर का आविष्कार किया। जब वोज़नियाक ने यह स्‍टीव जॉब्‍स को दिखाया तो स्टीवन जॉब ने इसे बेचने का सुझाव दिया! और जब स्टीव जॉब्स ने उसको मार्केट में बेचा! तो उसका उनको बहुत ही बढ़िया फयदा मिला! फिर स्‍टीव जॉब्‍स ने इसी काम को आगे बढ़ाने का निस्चय किया! एप्पल1 कंप्यूटर बेचने के लिये स्‍टीव जॉब्‍स और वोज़नियाक ने मिल कर एक गैरेज में और एप्पल1 कंप्यूटर का निर्माण करने लगे! जब स्‍टीव जॉब्‍स को एप्पल1 कंप्यूटर से बढ़िया रिजल्ट मिलने लगा तब इंटेल कंपनी के उत्पाद विपणन प्रबंधक और इंजीनियर माइक मारककुल्ला ने उनको और पैसे दिए काम को आगे बढ़ने के लिए! और धीरे धीरे एप्पल कंपनी का नाम आगे बढ़ता ही गया!
स्‍टीव जॉब्‍स ने अपनी कम्पनी को आगे ले जाने के लिए दिन रात मेनहत करने लगे! और कुछ ही सालो में एप्पल एक बहुत ही बड़ी कम्पनी के रूम में फेमस हो गया!
एप्पल कम्पनी पर पैसे लगाने वाले स्‍टीव जॉब्‍स नहीं थे! इसलिए 10 अप्रैल 1985 को बोर्ड के बैठक के समय एप्पल के बोर्ड के निर्देशकों ने स्टीव जॉब्स को अध्यक्ष पद को छोड़कर उसकी सभी भूमिकाओं से हटाने का निस्चय किया! परंतु एप्पल के एक अधिकारी जॉन ने यह फ़ैसला कुछ देर के लिया रोक दिया। परन्तु इस तरह के बोर्ड के फैसलों से स्‍टीव जॉब्‍स को बहुत दुःख हुआ! और उन्होंने खुद ही अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया!
एप्पल कंपनी से इस्तीफ़ा देने के बाद स्टीव जॉब्स ने 1985 में नेक्स्ट इंक की स्थापना की और कुछ ही समय में नेक्स्ट इंक तकनीकी ताकत के लिए फेमस हो गया! नेक्स्ट इंक के पॉपुलर होने का मुख्य कारण सॉफ्टवेयर विकास प्रणाली बनाना था। आप हमेसा इंटरनेट WWW( वर्ल्ड वाइड वेब ) को देखते है इसका आविष्कार भी नेक्स्ट कंप्यूटर पर किया गया था! और इसका क्रेडिट स्टीव जॉब्स को जाता है!
सन् 1996 मे एप्पल कंपनी की बाजार में हालत बिगड़ गई तब स्‍टीव जॉब्‍स ने नेक्स्ट कम्प्यूटर को एप्पल को बेचने का डील किया! और बाद वे एप्पल के चीफ एक्जिक्यूटिव आफिसर बन गये। और सुन 1997 में वह एप्पल के सीईओ घोषित किये गए! एप्पल कंपनी ने पहली बार 2001 में ipad का निर्माड किया जो की बहुत पॉपुलर हुआ! 2007 में एप्पल ने पहली बार ipone नाम की मोबाइल मार्केट में उतरा जो की बहुत ही पॉपुलर हुआ! और आज भी बहुत पॉपुलर है! और
हर एक मोबाइल में नंबर वन है! 2011 में स्टीव जॉब्स ने सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया पर वह बोर्ड के अध्यक्ष पद पर बने रहे!

# स्टीव जॉब्स को कौन कौन से पुरस्कार मिले-

  1. सन् 1982 मे टाइम मैगज़ीन ने उनके द्वारा बनाये गये एप्पल कम्प्यूटर को मशीन आफ दि इयर का खिताब दिया।
  2. सन् 1985 मे उन्हे अमरीकी राष्ट्रपति द्वारा नेशनल मेडल आफ टेक्नलोजी दिया गया
  3. 2007 मे फार्चून मैगज़ीन ने उन्हे उद्योग मे सबसे शक्तिशाली पुरुष का खिताब दिया
  4. नवम्बर 2010 में, जाब्स् फोरब्स पत्रिका ने उन्हे अपना ‘पर्सन आफ दि इयर’ चुना।
  5. 2011 को बुडापेस्ट में ग्राफिसाफ्ट कंपनी ने उन्हे आधुनिक युग के महानतम व्यक्तित्वों में से एक चुनकर, स्टीव जॉब्स को दुनिया का पहला कांस्य प्रतिमा भेंट किया
  6. 12 फ़रवरी 2012 को उन्हे मरणोपरांत ग्रैमी न्यासी पुरस्कार,दिया

Steve Jobs Quotes in Hindi

आपका समय सीमित है इसलिए इसे दूसरों के अनुसार जि़न्दगी जीकर बर्बाद मत कीजिए। व्यर्थ की बातों में फंसकर अपनी जिंदगी को दूसरे लोगों के अनुसार मत चलाइए| दूसरों लोगों के विचारों और सलाहों के शोर में अपने दिल की आवाज को अनसुना मत कीजिए। सबसे अधिक जरूरी है कि आप में अपने दिल और अनुभव का अनुसरण करने का साहस हो।
समाधिस्थल में सबसे अमीर आदमी बनने से मुझे कोई मतलब नहीं है। मैं रात में अपने बिस्तर पर जाने से पहले ये कहूँ कि आज हमने कुछ आश्चर्यजनक किया है ये मेरे लिए महत्वपूर्ण है।
जब आप समुद्री डांकू बन सकते है तो फिर नौसेना में जाने कि क्या ज़रुरत है?
नयी खोज एक लीडर और एक अनुयायी के बीच अंतर करती है.
हर किसी के पास विवेक होता है और ये वर्तमान में उन क्षणों में से होता है जिससे हमारा भविष्य प्रभावित होता है।
भूखे रहो और अज्ञानी रहो। (ये बात स्टीव जॉब्स ने कुछ सीखने की भूख और अधिक ज्ञान अर्जित करने की ललक को जाग्रत करने के लिए कही है।)
ये मेरे मंत्रों में से एक है कि ध्यान केन्द्रित करो और सरल रहो। सरल भी जटिल से ज़्यादा दृढ़ हो सकता है।
आपको अपनी सोच को साफ और सरल बनाने के लिए मेहनत करनी चाहिए। मेहनत से मिली ऐसी सोच परिणाम के लिए बड़ा मूल्य रखती है क्योंकि इसे पाकर आप पर्वत को भी हिला सकते हैं।
नवीनता ही मागदर्शक (Leader) और अनुयायियों (follower) में फर्क बताती है।
आपका कार्य जि़न्दगी के एक बड़े भाग को संतुष्ट करना है और संतुष्टि प्राप्त करने के लिए वो करें जिसमें आप विश्वास करते हैं। महान कार्य करने का एक ही तरीका है आप जो करते हैं उससे प्रेम करें। यदि आप जो करना चाहते हैं वो प्राप्त नहीं हुआ है तो उसे खोजिए। स्वयं को ठहरने मत दीजिए।
“हम कुछ खो सकते हैं” इस चिंता के जाल से मुक्त होने का सबसे अच्छा तरीका है कि इस बात को याद रखना कि “हम कभी मर जायेंगे”। आप पहले से ही निर्वस्त्र हैं और कुछ खोने के लिए है ही नहीं। इसलिए ऐसी कोई भी वजह नहीं है कि आप अपने दिल की नहीं सुनें।
मैं सोचता हूँ कि यदि आप कुछ कर रहे हैं और वो अच्छा हो जाता है तो आपको इस कार्य पर अधिक विचार करने की बजाए कुछ और आश्चर्यजनक करना चाहिए। अगले कार्य के लिए विचार कीजिए।
आपको किसी चीज़ में विश्वास करना चाहिए। आपका साहस, नसीब, ऊर्जा या कर्म जिनमें भी आप चाहें। ये दृष्टिकोण आपको कभी गिरने नहीं देगा और जि़न्दगी में अनेंको विभिन्नतायें प्रदान करेगा।
कोई भी मरना नहीं चाहता है। वे लोग जो स्वर्ग जाने की इच्छा रखते हैं वो भी नहीं मरना चाहते हैं। लेकिन मौत से कभी कोई बच नहीं सका है। मृत्यु जिन्दगी का श्रेष्ठ अविष्कार है। ये जीवन को परिवर्तित करने का माध्यम है जो पुराने को मिटाकर नए की राह दिखता है।
आज हम नए हैं लेकिन कुछ दिन बीत जाने पर हम पुराने हो जायेंगे। ये पूर्ण सत्य है।
कोई भी सफलता एक रात में नहीं मिलती है। उसके पीछे जाने कितने वर्षों की कड़ी मेहनत होती है।
यदि आप किसी चीज़ से प्रेम नहीं करते तो आप अतिरिक्त मील तक नहीं जायेंगे सप्ताह के अंत में अतिरिक्त कार्य नहीं करेंगे और वर्तमान स्थिति को चुनौती नहीं देंगे।
सफलता से मिला भारीपन वापस नया आरम्भकर्ता (Beginner) बनकर हल्केपन से बदला जा सकता है। ये मुझे जि़न्दगी के सबसे रचनात्मक भाग में प्रवेश करने के लिए स्वतन्त्रता प्रदान करता है।
कभी-कभी जिन्दगी आपके सिर को ईंट से भी मारती है। अपने विश्वास को मत खोईए।
मैं सहमत हूँ कि वो “जि़द (हठ)” ही है जो सफल उद्यमी और असफल लोगों को पृथक करती है।
“क्या नहीं करना चाहिए” इसका निर्णय भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि यह निर्णय लेना कि “क्या करना है”।
ग्राहक से ये नहीं कहें कि वो जो पसंद करता है उसे बनाकर देंगे क्योंकि जब तक हम उस वस्तु का निर्माण करेंगे वो कुछ और पसंद करने लगेगा।
रचनात्मकता कुछ विचारों और चीज़ों का जोड़ना है। जब आप किसी रचनात्मक व्यक्ति से पूछेंगे कि उसने ये कैसे किया है तो वो स्वयं को दोषी महसूस करेगा क्योंकि वो उसने वास्तव में किया ही नहीं है। उसने बस कुछ देखा और वो उसके समक्ष जाहिर हो गया।
किसी चीज़ की अभिकल्पना केवल उसके दिखने तक ही नहीं है बल्कि अभिकल्पना उस चीज़ के काम करने का ढंग भी निर्धारित करती है।
महान लोगों और उत्तम उत्पादों का अंत कभी नहीं होता है।
संसार आपको तभी पहचान सकेगा जब आप संसार को अपनी क्षमताओं से परिचय करायेंगे।
यदि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया पर असफल हो गया तो भी अच्छा है। मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तो दिया।
जो लोग इस बात को दीवानगी तक सोचते हैं कि वो दुनिया बदल सकते हैं वही दुनिया को बदलते हैं।
मैं ब्रहाम्ण्ड में झंकार करना चाहता हूँ।
गुणवता में विश्वास कीजिए| कई कम्पनियों ने छंटनी का फैसला किया जो शायद उनके लिए सही हो लेकिन हमने अलग रह चुनी – हमारा विश्वास है कि अगर हम कस्टमर के सामने बेहतरीन प्रोडक्ट रखेंगे तो वे अपना पर्स खोलते रहेंगे|

# स्टीव जॉब्स का निधन-

सन् 2003 मे उन्हे पैनक्रियाटिक कैन्सर की बीमारी हुई। उन्होने इस बीमारी का इलाज ठीक तरह से नही करवाया। स्टीव जॉब्स की ५ अक्टूबर 2011 को 3 बजे के आसपास पालो अल्टो, कैलिफोर्निया के घर में निधन हो गया। जब उनका निधन हुआ तब पूरी दुनिआ में एक दुंखी का माहौल छा गया! क्योकि दुनिआ को तकनीकी को एक नया रास्ता देने वाले स्टीव जॉब्स अब इस दुनिआ में नहीं रहे! माइक्रोसाफ्ट और् डिज्नी जैसी बडी बडी कम्पनियों ने उनके निधन पर शोक मनाया। और पुरे अमेरिका में भी शोक का माहौल छा गया! दुनिआ का हर एक आदमी स्टीव जॉब्स की उपलब्धि को कभी भी नहीं भूल पायेगा! उनके द्वारा किये गए कामो को पूरी दुनिआ हमेसा याद रखेगी!
स्‍टीव जॉब्‍स के द्वारा किये गए उनके कामो के लिए hindimehelp की पूरी टीम उनको सलाम करती है!
हम सब को स्टीव जॉब्स से कुछ ना कुछ सीखना चाहिए! क्योकि वह इस सदी के सबसे बड़े आविष्कारक थे! अपने कड़ी मेनहत और लगन के साथ अपने काम को किये! स्‍टीव जॉब के सक्सेस स्टोरी से हमको ये सिख मिलती है! की यदि आपके अंदर कुछ कर दिखने का जोश होगा तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है!
आपको स्‍टीव जॉब्‍स की सक्सेस स्टोरी कैसी लगी! अगर आपको स्टीव जॉब्स की सक्सेस स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसको अपने दोस्तों को शेयर करे! क्योकि इस सक्सेस स्टोरी को लिखने में बहुत टाइम और मेनहत लगा है! इसको शेयर करने के लिए आपको केवल 2 सेकेंड लगेंगे! इसलिए इसको जरूर शेयर करे और हमारे द्वारा किये गए मेनहत को सफल बनाये.

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